All BlogsHindu Festivals

चैत्र नवरात्रि 2026: घटस्थापना मुहूर्त, तिथियां और पूजा विधि संपूर्ण जानकारी

Vivek Shukla03 Feb 20261 min read
Share
Views2794

घटस्थापना शुभ मुहूर्त 2026 (Ghatasthapana Muhurat)

चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ घटस्थापना (कलश स्थापना) के साथ होता है। हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, नवरात्रि के पहले दिन देवी शक्ति का आह्वान सही समय और विधि-विधान से करना अत्यंत आवश्यक है। वर्ष 2026 में, चैत्र नवरात्रि गुरुवार, 19 मार्च से शुरू हो रही है।

Image for ghatasthapana_kalash_setup

घटस्थापना के लिए प्रातः काल का समय सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। पंचांग के अनुसार, इस वर्ष कलश स्थापना के लिए एक विशेष शुभ संयोग बन रहा है। नीचे दी गई तालिका में आप अपने शहर के स्थानीय समय के अनुसार मामूली बदलाव के साथ इस मुहूर्त का पालन कर सकते हैं।

📅 शुभ मुहूर्त विवरण

दिनांक (Date) 19 मार्च 2026, गुरुवार
घटस्थापना मुहूर्त (Time) 06:52 AM से 07:59 AM
कुल अवधि (Duration) 1 घंटा 07 मिनट
प्रतिपदा तिथि (Tithi) समापन: 20 मार्च, 04:52 AM

घटस्थापना प्रतिपदा तिथि के दौरान ही की जानी चाहिए। चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग के निषेध समय को त्यागकर यह मुहूर्त निकाला गया है, जो देवी पूजन के लिए अत्यंत फलदायी है।

Image for goddess_durga_idol

अभिजीत मुहूर्त और अन्य विकल्प

यदि किसी कारणवश आप सुबह के शुभ मुहूर्त (06:52 AM - 07:59 AM) में कलश स्थापना नहीं कर पाते हैं, तो शास्त्रों में अभिजीत मुहूर्त को एक वैकल्पिक समय माना गया है। हालांकि, घटस्थापना के लिए प्रातः काल का समय ही सर्वश्रेष्ठ माना जाता है, इसलिए प्रयास करें कि सूर्योदय के पश्चात निर्धारित समय के भीतर ही पूजा संपन्न करें।

विशेष नोट: उपरोक्त मुहूर्त नई दिल्ली के समय अनुसार है। आपके स्थान के अक्षांश और देशांतर (Latitude/Longitude) के आधार पर समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। पूजा शुरू करने से पहले स्थानीय पंचांग अवश्य देखें।

नवरात्रि पूजन विधि और नियम (Rituals & Rules)

चैत्र नवरात्रि 2026 में माँ दुर्गा की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में वर्णित विधि-विधान और नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। 19 मार्च को घटस्थापना के साथ ही संयम और साधना का यह पर्व आरम्भ होगा। यहाँ हम आपको कलश स्थापना की सरल विधि और व्रत के नियमों की विस्तृत जानकारी दे रहे हैं।

Image for ghatasthapana_setup

घटस्थापना (कलश स्थापना) की चरणबद्ध विधि

घटस्थापना को ब्रह्मांड के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। इसे शुभ मुहूर्त (सुबह 06:52 से 07:59 बजे के बीच) में ही संपन्न करें:

  1. स्थान की शुद्धि: घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) को साफ करें और वहां लकड़ी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं।
  2. जौ बोना: चौकी के सामने मिट्टी के पात्र में शुद्ध मिट्टी डालें और उसमें जौ (Jawara) बोएं।
  3. कलश की तैयारी: तांबे या मिट्टी के कलश में गंगाजल, सिक्का, सुपारी, अक्षत और दूर्वा डालें। कलश के मुख पर आम या अशोक के 5 पत्ते लगाएं।
  4. नारियल स्थापना: कलश के ढक्कन में चावल भरें। एक जटा वाले नारियल पर लाल चुनरी या मौली लपेटकर उसे कलश के ऊपर स्थापित करें।
  5. आवाहन: हाथ में अक्षत-पुष्प लेकर माँ दुर्गा और समस्त देवी-देवताओं का आवाहन करें और धूप-दीप जलाएं।
Image for puja_samagri

पूजन सामग्री सूची (Samagri List)

पूजा में किसी भी वस्तु का अभाव न हो, इसके लिए पहले ही सामग्री एकत्रित कर लें:

  • माँ दुर्गा की प्रतिमा या चित्र
  • लाल वस्त्र (चौकी के लिए)
  • मिट्टी का कलश और ढक्कन
  • जौ और शुद्ध मिट्टी
  • आम के पत्ते (पल्लव)
  • नारियल (पानी वाला)
  • रोली, मौली (कलावा), सिन्दूर
  • अक्षत (साबुत चावल)
  • गंगाजल और पंचामृत
  • घी, कपूर और बाती
  • लौंग, इलायची, बताशे
  • फल और मिठाई

व्रत के नियम और अखंड ज्योत का महत्व

नवरात्रि में अखंड ज्योत जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह ज्योत 9 दिनों तक बिना बुझे जलनी चाहिए, जो घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है। यदि आप अखंड ज्योत नहीं जला सकते, तो सुबह-शाम घी का दीपक अवश्य जलाएं।

उपवास के प्रकार:

  • फलाहारी व्रत: इसमें आप दिन में फल, दूध, कुट्टू का आटा, और सेंधा नमक का सेवन कर सकते हैं।
  • निर्जला व्रत: यह कठिन व्रत है जिसमें जल का त्याग किया जाता है (इसे सामर्थ्य अनुसार ही करें)।
Image for akhand_jyot

मंत्र जाप: पूजा के दौरान "ॐ दुं दुर्गायै नमः" या नवार्ण मंत्र "ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे" का जाप करें। यह न केवल मानसिक शांति देता है, बल्कि कुंडली में ग्रह दोषों को भी संतुलित करता है।

Book Pnadit Ji for Navratri with pujaPurohit

Book Now

कन्या पूजन और नवरात्रि पारण (Kanya Pujan & Parana)

चैत्र नवरात्रि की नौ दिनों की कठिन साधना कन्या पूजन (Kanya Pujan) के बिना अधूरी मानी जाती है। शास्त्रों के अनुसार, 2 से 10 वर्ष की कन्याएं साक्षात माँ दुर्गा का स्वरूप होती हैं। इनकी सेवा और सत्कार करने से भक्त को सुख, समृद्धि और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।

Image for kanya_pujan_girls

कन्या पूजन कब करें: अष्टमी या नवमी?

चैत्र नवरात्रि 2026 में आप अपनी कुल परंपरा के अनुसार कन्या पूजन कर सकते हैं:

  • 📅 महाअष्टमी: 26 मार्च 2026 (गुरुवार)
  • 📅 महानवमी: 27 मार्च 2026 (शुक्रवार)

विशेष: 9 कन्याओं के साथ 1 बालक (बटुक भैरव) की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

कन्या पूजन की सरल विधि (Rituals)

कन्याओं का स्वागत माँ दुर्गा के आगमन की तरह करें। पूजन के लिए इन चरणों का पालन करें:

  • पाद प्रक्षालन: सबसे पहले शुद्ध जल से कन्याओं के पैर धोएं और उन्हें स्वच्छ आसन पर बैठाएं।
  • तिलक और अक्षत: उनके माथे पर कुमकुम का तिलक लगाएं और अक्षत (चावल) छिड़कें।
  • भोग (Prasad): कन्याओं को श्रद्धापूर्वक हलवा, पूरी और काले चने का प्रसाद खिलाएं। यह माँ का प्रिय भोग है।
  • उपहार (Dakshina): भोजन के बाद उन्हें फल, लाल चुनरी, चूड़ियाँ और दक्षिणा देकर विदा करें।
Image for halwa_puri_prasad

नवरात्रि पारण विधि (Navratri Parana)

कन्याओं को विदा करने के बाद ही व्रत का पारण (Fast Breaking) किया जाता है। चैत्र नवरात्रि 2026 का पारण 27 मार्च (दशमी तिथि लगने पर) या नवमी पूजन के पश्चात किया जा सकता है।

पारण के नियम:

  • पारण करने से पहले हवन की भस्म का तिलक लगाएं।
  • माँ को चढ़ाया गया प्रसाद ग्रहण करके ही व्रत खोलें।
  • इस दिन सात्विक भोजन ही ग्रहण करें और मन में माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें।

Frequently Asked Questions

Q: चैत्र नवरात्रि 2026 में घटस्थापना का सबसे उत्तम समय क्या है?

A: घटस्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त 19 मार्च 2026 को सुबह 06:52 बजे से 07:59 बजे तक है।

Q: चैत्र नवरात्रि 2026 कब समाप्त होगी?

A: नवरात्रि का समापन 27 मार्च 2026, शुक्रवार को होगा, जिस दिन राम नवमी भी मनाई जाएगी।

Q: क्या हम ऑनलाइन पंडित बुक कर सकते हैं?

A: जी हां, आप PujaPurohit के माध्यम से घर बैठे नवरात्रि पूजा के लिए अनुभवी वैदिक पंडित बुक कर सकते हैं।

Q: नवरात्रि के पहले दिन किस देवी की पूजा होती है?

A: नवरात्रि के पहले दिन (प्रतिपदा) माँ शैलपुत्री की पूजा की जाती है और इसी दिन कलश स्थापना होती है।

Related Posts

PM Modi’s Emotional Tweet for 19 Year Old Who Revived 200 Year Old Shukla Yajurveda Tradition
Vedic Chanting04 Dec 2025

PM Modi’s Emotional Tweet for 19 Year Old Who Revived 200 Year Old Shukla Yajurveda Tradition

Discover the historic Vedic achievement of 19-year-old Devvrat Mahesh Rekhe, who completed the ultra-rigorous Dandakram Parayanam in Kashi—a feat unseen in 200 years. This blog explores his journey, the national recognition he received, and how modern platforms are preserving Sanatan Dharma.

क्या है समस्या?: मद्रास हाई कोर्ट ने दीपम जलाने पर रोक को लेकर तमिलनाडु सरकार को लगाई फटकार
Current Affairs12 Dec 2025

क्या है समस्या?: मद्रास हाई कोर्ट ने दीपम जलाने पर रोक को लेकर तमिलनाडु सरकार को लगाई फटकार

तिरुपरankundram मंदिर में दीपम जलाने को लेकर मद्रास हाई कोर्ट और तमिलनाडु सरकार आमने-सामने हैं। जानिए क्या है 'दीपथून' विवाद, कोर्ट का आदेश और इसके राजनीतिक मायने।

Priest Booking Service in the UK: Book Hindu Priests in United Kingdom with pujaPurohit – Leading Platform from India
Hindu Rituals18 Aug 2025

Priest Booking Service in the UK: Book Hindu Priests in United Kingdom with pujaPurohit – Leading Platform from India

Verified Hindu priests in the UK for all your puja needs. pujaPurohit, India's leading pandit booking platform, now offers seamless in-person services in London, Manchester, Leeds, and Wales

हनुमान चालीसा के चौपाईयों का न करें गलत जाप, जानें सही तरीका
Sanatan12 Apr 2023

हनुमान चालीसा के चौपाईयों का न करें गलत जाप, जानें सही तरीका

आइए जानते हैं हनुमान चालीसा की कुछ ऐसी चौपाईयों के बारे में जो हम गलत तरीके से जाप कर रहे हैं और उनका सही जाप करने के उपाय।

Savan 2025 start date
Sanatan12 Jun 2025

Savan 2025 start date

✨ Immerse Yourself in Divine Bliss: Your Ultimate Guide to Savan 2025 ✨The sacred month of Savan is here! 🙏 It's the perfect time to deepen your devo...

Your spiritual need,
just a tap away.

Footer decorative image